उत्तर- चमगादड़ो के उड़ते समय उनके शरीर से निकली पराश्रव्य तरंगे जब मार्ग की रुकावटों से टकराकर उनकी ओर वापस लौटती हैं तो उन्हें अपने मार्ग की रुकावट का पता चल जाता है और इस प्रकार वे अंधेरे में भी आसानी से उड़ सकते हैं।
Friday, April 11, 2014
Monday, March 3, 2014
क्यों टूटते हैं तारे ?
उत्तर - आपने रात में तारे टूटते जरूर देखा होगा और फिर आंखें बंद कर कोई मुराद भी मांगी होगी। दरअसल आसमान से नीचे गिरती हुई चमकदार चीज तारा नहीं होकर, उल्काएं होती हैं।
ये उल्काएं सुई की नोक से लेकर कई किलो वजनी होती हैं। इन्हें बिना किसी उपकरण की मदद से भी अंधेरी रात में देखा जा सकता है। जब इन उल्काओं की सतह और वायु के बीच का घर्षण ऊर्जा उत्पादित करता है, तब ये उल्काएं पृथ्वी की तरफ बढ़ने लगती है और इस ऊर्जा और पृथ्वी के वातावरण के कारण छोटे आकार की उल्काएं जलने लगती हैं। इस कारण तेज रोशनी दिखती है और लगता है जैसे कोई चमकदार तारा आसमान से टूटकर जमीन की तरफ बढ़ रहा है।
खगोल शास्त्रियों ने पाया कि उल्काएं समूह में ही रहती हैं। जब छोटी उल्काएं तारे की तरह टूट कर गिरती नजर आती हैं, तब बड़ी उल्काएं भी पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करती हैं। ये बड़ी उल्काएं जब पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण आ गिरती हैं, तब उन्हें उल्कापिंड कहा जाता है। बहुत सारे उल्कापिंड बिना नष्ट हुए पृथ्वी पर एक साथ गिरते हैं, तो उसे उल्कापात कहते हैं।
खगोल शास्त्रियों ने पाया कि उल्काएं समूह में ही रहती हैं। जब छोटी उल्काएं तारे की तरह टूट कर गिरती नजर आती हैं, तब बड़ी उल्काएं भी पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करती हैं। ये बड़ी उल्काएं जब पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण आ गिरती हैं, तब उन्हें उल्कापिंड कहा जाता है। बहुत सारे उल्कापिंड बिना नष्ट हुए पृथ्वी पर एक साथ गिरते हैं, तो उसे उल्कापात कहते हैं।
Tuesday, February 11, 2014
क्यों होती है अपने हाथ से गुदगुदी ?
उत्तर - अगर गलती से किसी व्यक्ति का हाथ हमें अनजाने में छू जाए, तो हमें गुदगुदी होने लगती है। कुछ लोग तो गुदगुदी के इशारे मात्र से लोटपोट हो जाते हैं। इसके विपरीत यदि हम खुद अपने शरीर को गुदगुदाते हैं, तो किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं होती है।
हमारे दिमाग में कुछ इस तरह से प्रोग्राम होता है कि उसमें बाहरी संवेग और आंतरिक संवेगों को अलग करने में महारत हासिल होती है। दिमाग सबसे पहले उन संकेतों की अनदेखी करता है जो आंतरिक होते हैं, यानी जो व्यक्ति स्वयं अपने शरीर पर करता है। जब भी कोई व्यक्ति हमें गुदगुदाता है तो हंसी उसके कारण होने वाले आकस्मिक भय का ही रूप होती है। जब हम स्वयं खुद को गुदगुदाते हैं, तो हमें किसी प्रकार का भय नहीं रह जाता है।
स्वयं को गुदगुदाने पर यह प्रतिक्रिया दिमाग के जिस हिस्से के कारण नहीं हो पाती है, उसे सेरेबेलम कहते हैं और यह दिमाग के पिछले हिस्से में स्थित होता है। यह दिमाग के अन्य हिस्सों को मिलने वाले संवेदात्मक संकेतों को नियंत्रित करने का काम करता है।
स्वयं को गुदगुदाने पर यह प्रतिक्रिया दिमाग के जिस हिस्से के कारण नहीं हो पाती है, उसे सेरेबेलम कहते हैं और यह दिमाग के पिछले हिस्से में स्थित होता है। यह दिमाग के अन्य हिस्सों को मिलने वाले संवेदात्मक संकेतों को नियंत्रित करने का काम करता है।
Saturday, December 28, 2013
एंजियोग्राफी क्या है?
उत्तर- हृदय रोग के परिक्षण की वह प्रक्रिया है, जिसमें दिल की धमनियों में एक विशेष प्रकार की दवा पहुंचाकर फोटो ली जाती है, जिससे यह पता लग सके कि उसमें अवरोध (ब्लोकेज) कहां पर है। इसके अलावा ह्रदय के विभिन्न हिस्सों में भी दवा पहुंचाकर उनकी सही स्थिति जानी जा सकती है।
Monday, November 11, 2013
रेडियो धर्मिता क्या है ?
उत्तर - कुछ पदार्थ जैसे यूरेनियम,रेडियम आदि स्वत: प्रकार की बेधि किरणें उत्सर्जित करते हैं. ऐसे पदार्थों को रेडियो धर्मी पदार्थ कहते हैं और पदार्थों का स्वत: बेधि किरणें उत्सर्जित करने का गुण 'रेडियो धर्मिता' कहलाता है. ' रेडियो धर्मिता परमाणु नाभिक का गुण है. रेडियो धर्मिता तत्वों के नाभिक अस्थायी होते हैं. उनमें स्वत: विघटन का गुण होता है। परमाणु नाभिक के स्वत: विघटन को रेडियो- धर्मी विघटन कहते हैं. रेडियो एक्टिव या रेडियो धर्मी विघटन में परमाणु नाभिकों में बेधी किरणें उत्सर्जित होती हैं. ये किरणें रेडियो धर्मी किरणें कहलाती हैं.
Sunday, October 27, 2013
दुनिया का सबसे छोटा शहर कौन सा है ?
उत्तर- दुनिया का सबसे छोटा शहर वैटिकन सिटी है।यह दुनिया का सबसे छोटा देश भी है। इसका क्षेत्रफल 0.44 वर्ग किलोमीटर है।
Wednesday, September 11, 2013
गर्भावस्था के दौरान उल्टी क्यों होती है ?
Que. - Why vomitting occurs during pregnancy ?
Ans.- During pregnency placenta produces certain toxins which need to be expelled out and this requirement is fulfilled by vomitting. Even mother's stomach may also produce some.In earlier times drugs were given to stop vomitting as a result,the toxins accumulated and cut the parts of foetus,a condition called phocomelia. Now a days this does not happen due to more advanced drugs which effect (neutralise) the toxins. This is why vomitting occurs during pregnency.
Monday, April 8, 2013
मन्दिरों,गिरिजाघरों एवं कालेजों में घंटे बड़े क्यों लगाये जाते हैं ?
उत्तर - ध्वनी स्रोत का आकार जितना बड़ा होता है,उतनी ही ऊर्जा माध्यम में संचरित होती है। अत : अधिक प्रबल ध्वनी सुनाई देती है.
Wednesday, April 3, 2013
कब्ज क्यों होता है, कब्ज दूर करने के क्या उपाय है ?
कब्ज एक ऐसी बीमारी है जिससे हर किसी को जीवन में दो-चार होना ही पड़ता है। सामान्यत: यह अनियमित दिनचर्या एवं गलत खान-पान के कारण होती है।
कब्ज जिसमें मल बहुत कड़ा हो जाता है एवं मलत्याग में कठिनाई होती है। यदि कब्ज का जल्द से जल्द इलाज नहीं किया जाए तो शरीर में विभिन्न प्रकार की व्याधियां उत्पन्न होने लगती है।
कब्ज के कारण -
-- भोजन में रेशेदार पदार्थों की कमी।
-- शारीरिक मेहनत न करना। आलस्य। दिन भर एक ही जगह बैठे-बैठे काम करना।
-- शरीर में पानी की कमी।
-- चाय,कॉफ़ी, शराब,तंबाकू व धूम्रपान का अति प्रयोग।
-- अनियमित दिनचर्या व आहार विहार।
-- गरिष्ठ भोज्य पदार्थों का अधिक सेवन।
-- जल्दबाजी में बिना चबाए भोजन करना। ज्यादा उपवास करना।
-- बड़ी आंत में घाव या चोट।
-- लंबे समय तक कुछ खास दवाओं का सेवन।
-- मलद्वार की व्याधियां।
-- आंतों की रुकावट।
कब्ज से बचने के उपाय-
-- भोजन में अधिक से अधिक रेशेदार सब्जियों, फलों, सलाद व छिलके वाली दालों का उपयोग करें।
-- जब भी मल त्याग की इच्छा हो, दबाएं नहीं।
-- रात्रि भोजन और सोने के बीच करीब 2 घंटे का अंतर जरुर रखें।
-- रात में जल्दी सोने के लिए जाएं एवं सुबह जल्दी उठें।
-- लगातार मल निष्काशक औषधियों से सेवन से बचें।
-- दिन भर में खूब पानी पिएं।
-- भोजन को खूब चबा चबा कर ग्रहण करें। भोजन करते समय पूरा ध्यान भोजन के चबाने पर रखें।
-- सुबह-शाम यानि दिन में 2 बार मल त्याग के लिए अवश्य जाएं।
-- प्रात: एवं सांध्य भ्रमण के लिए अवश्य समय निकालें।
-- सुबह व्यायाम, कसरत एवं प्राणायाम करें।
-- चिंतामुक्त जीवन जिएं।
-- किसी भी कब्जनाशक दवाइयों का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह से न लें।
-- जीवनशैली संबंधी कब्ज तो अपनी आदतें व दिनचर्या बदलकर ठीक किया जा सकता है, लेकिन यदि कब्ज किसी बीमारी के कारण हो रही हो तो किसी अनुभवी चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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Friday, November 11, 2011
प्रश्न - उत्तर की रोचक दुनिया में आपका स्वागत है....
प्रस्तुत है आपके लिए एक ऐसी वेबसाइट जहाँ पर आपको मिलेगा आपके हर प्रश्न का उत्तर.
प्रश्न किसी भी विषय पर पूछिये, आपको इसका उत्तर जरुर मिलेगा बिलकुल आसन शब्दों में.
इस ब्लॉग की एक खास बात यह है की इसमें प्रश्न पूछने वाले भी आप होंगे और उत्तर देने वाले भी आप या आपके मित्रगण होंगे.
तो देर मत कीजिये अभी प्रश्न पूछिये और कीजिये अपनी जिज्ञासाओं का समाधान....!!!
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