हम जानते हैं कि मनुष्य का शरीर विद्युत सुचालक होता है। विद्युत सुचालक तथा सजीव होने के कारण मनुष्य के शरीर में (निश्चित गति) से इलेक्ट्रानों का प्रवाह होता है। जब मनुष्य को करेंट लगता है तो इन इलेक्ट्रानों की गति तीव्र हो जाती है और मनुष्य का तंत्रिका तंत्र कार्य करना बन्द कर देता है जिससे जैविक क्रियाएं ठप हो जाती है और मनुष्य की मृत्यु हो जाती है।
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Tuesday, June 23, 2015
करेंट लगने से मनुष्य की मृत्यु क्यों हो जाती है ?
हम जानते हैं कि मनुष्य का शरीर विद्युत सुचालक होता है। विद्युत सुचालक तथा सजीव होने के कारण मनुष्य के शरीर में (निश्चित गति) से इलेक्ट्रानों का प्रवाह होता है। जब मनुष्य को करेंट लगता है तो इन इलेक्ट्रानों की गति तीव्र हो जाती है और मनुष्य का तंत्रिका तंत्र कार्य करना बन्द कर देता है जिससे जैविक क्रियाएं ठप हो जाती है और मनुष्य की मृत्यु हो जाती है।
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