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Saturday, May 2, 2015

पृथ्वी का निर्माण किस प्रकार हुआ ?


                                पृथ्वी उत्पत्ति ग्रहाणुओं के एक ठंडे समूह से हुई। ये ग्रहाणुओं आंतरिक ग्रहों के क्षेत्र में मुख्यत: सिलिकन, लोहा, मैग्नीशियम के यौगिकों के साथ सूक्ष्म मात्रा में अन्य तत्वों के मिलने से बने थे। जैसे-जैसे और अधिक ग्रहाणु पृथ्वी से टकराते गये वैसे-वैसे वे इससे जुड़ते गये। इन ग्रहाणुओं की गतिज ऊर्जा टक्करों के कारण उष्मीय ऊर्जा में बदलती गई। इससे इसका ताप भी बढ़ता गया। इसके अतिरिक्त पृथ्वी के संपीडन एवं रेडियोएक्टिव विघटन के कारण यह ग्रह और गर्म होता रहा तथा अपनी उत्पत्ति के लगभग 80 करोड़ वर्ष बाद पिघल गया। इस ग्रह ने गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव की सहायता से सहायता से स्वयं को व्यवस्थित करना प्रारंभ कर दिया। लोहा पिघलकर इसके केंद्र की ओर गिरने लगा तथा हल्के पदार्थ पृथ्वी के सतह पर आ गये। इससे भूपर्पटी का निर्माण हुआ। गुरुत्वाकर्षण के कारण केंद्र में पहुंचे लोहे से क्रोड का निर्माण हुआ। बीच का भाग प्रवार बना। विभेदन के फलस्वरूप वायुमंडल, सागर, महासागरों तथा  महाद्वीपों का निर्माण हुआ। इस प्रकार पृथ्वी की उत्पत्ति हुई।