उत्तर - ठण्ड के दिनों में नारियल का तेल जम जाता है, जबकि सरसों का तेल नहीं जमता। यह उस वसा अम्ल की प्रकृति द्वारा निर्धारित होता है, जिससे वसा का अणु बना है। कुछ वसा अम्लों के अणुओं में एक या अधिक द्वि-आबंध होते हैं। इनको असंतृप्त वसा कहते हैं। इन वसाओं का द्रवनांक कम होते हैं। सरसों का तेल भी इसी श्रेणी में आता है। अत: इसका द्रवनांक भी कम होता है। जबकि नारियल का तेल संतृप्त वसा है। अत: अधिक स्थायी है। अधिक स्थायी होने की प्रवृत्ति के कारण ही नारियल का तेल जम जाता है। जबकि सरसों का तेल कम द्रवनांक होने के कारण नहीं जमता।